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​अभिषेक कुमार ब्यूरो चीफ साथ विक्रम जीत कुमार के रिपोर्ट हाजीपुर वैशाली 

हाजीपुर. नॉर्थ बिहार का लाइफ लाइन कहे जाने वाला महात्मा गांधी सेतु को बचाने के लिए हाजीपुर के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.बी झा मृणाल के नेतृत्व में गांधी सेतु बचाओ अभियान के तहत लगातार कैंडिल मार्च, धरना,सत्याग्रह जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत रविवार को महात्मा गांधी सेतु के टॉल प्लाजा के निकट अभियान से जुड़ें सैकड़ों लोग सत्याग्रह पर बैठ गए। इस सत्याग्रह में हाजीपुर शहर एवं इसके आसपास सहित राज्य के अन्य भाग से आए लोग शामिल हुए। सत्याग्रह के दौरान डॉ.मृणाल ने बताया कि हमलोग गांधी सेतु पुनर्निर्माण के विरोधी नहीं है।हमारा सरोकार इस कार्य को तार्किक व विवेकपूर्ण तरीके से किए जाने से है। उन्होंने बताया कि हमलोगों की मांग है कि सेतु के पाया नंबर-44 के पास सेतु के टूटे हुए हिस्से को ठीक करते हुए हाजीपुर की ओर बढ़ा दिया जाए। 

साथ ही पाया नंबर-1 से लेकर 12 तक को तोड़ने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। डॉ.मृणाल ने बताया कि पिछले चार सालों से सेतु के एक भी पाया की मरम्मति नहीं हुई है।ऐसे में कैसे भरोसा किया जाए कि एक साथ दर्जनों पिलर की मरम्मति एवं आधे समय में पूरी हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया है कि जब पटना से जाते हुए एक पाया के टूटे होने से एक दिन में औसतन पांच लाख एवं महीने में ढेर करोड़ लोग महा जाम के शिकार होते है। ऐसे में हाजीपुर आते हुए भी एक साथ 12 पाया को तोड़ दिया जाए तब जाम की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। गौरतलब है कि पिछले 22 जून को गांधी सेतु बचाओ अभियान के तहत डॉ.मृणाल के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने गांधी चौक पर कैंडिल मार्च निकाला था।
कहा-पश्चिमी भाग को अविलंब ठीक किया जाए

अभियान से सक्रिय रूप से जुड़े 

समाजसेवी किसलय किशोर एवं निशांत गांधी ने कहा कि गांधी सेतु का पिलर संख्या-44 के पास पूर्वी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है। ऐसे में जरूरी है कि टूटे हुए पश्चिमी भाग को अविलंब ठीक किया जाए। अगर पूर्वी हिस्से की स्थिति और बिगड़ गई तो पूरा का पूरा सेतु ठप पड़ जाएगा। इसलिए इस प्रशासन की ओर से खास ध्यान दिया जाना चाहिए। तथा इस पर पहल की जानी चाहिए। 

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